PAHAL DBT योजना | Pahal DBT Scheme in Hindi प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
PAHAL DBT योजना (Pahal DBT Scheme in Hindi )
PAHAL DBT योजना क्या है?
- वर्ष 2015 में समग्र देश में शुरू की गई PAHAL DBT योजना, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा उपभोक्ताओं के बैंक खातों में LPG सब्सिडी का प्रत्यक्ष अंतरण सुनिश्चित करने के लिये एक पहल है।
- इस योजना का उद्देश्य लीकेज को खत्म करना, डुप्लिकेट कनेक्शनों की रोकथाम करना और सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ाना है।
कार्यप्रणाली:
- LPG सिलेंडर का विक्रय बाज़ार मूल्य पर किया जाता है, और सब्सिडी राशि प्रत्यक्ष रूप से उपभोक्ताओं के बैंक खातों में अंतरित की जाती है।
- उपभोक्ताओं को सब्सिडी दो तरीकों से प्राप्त होती है- आधार अंतरण अनुरूप मोड और बैंक अंतरण अनुरूप मोड (आधार लिंकेज के बिना पंजीकृत बैंक खाते में जमा की जाने वाली सब्सिडी)।
PAHAL DBT योजना उद्देश्य:
- वास्तविक उपभोक्ताओं को लाभ प्रदान करने हेतु बिचौलियों और फर्जी LPG कनेक्शनों को समाप्त करना।
- लाभार्थियों को बैंक खाते खोलने के लिये प्रोत्साहित करना तथा उन्हें औपचारिक वित्तीय प्रणाली में एकीकृत करना।
उपलब्धियाँ:
- वर्ष 2024 तक 30.19 करोड़ से अधिक LPG उपभोक्ता PAHAL योजना के तहत नामांकित थे। इस योजना से सब्सिडी के अपव्यय को कम करके और अयोग्य उपभोक्ताओं को हटाकर सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक बचत हुई है।
- आधार-आधारित प्रमाणीकरण से प्रणाली से डुप्लिकेट लाभार्थियों और फर्जी या धोखाधड़ी वाले LPG कनेक्शनों को हटाने में मदद मिली।
गिव इट अप अभियान क्या है?
- गिव इट अप अभियान की शुरुआत वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 'ऊर्जा संगम' वैश्विक ऊर्जा शिखर सम्मेलन में की गई थी।
- इसके माध्यम से संपन्न LPG उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से अपनी सब्सिडी छोड़ने के लिये प्रोत्साहित किया गया, जिससे सरकार को निर्धन वर्गों के लिये धनराशि पुनर्निर्देशित करने में सहायता मिली।
- अभियान के तहत पहले वर्ष में 10 मिलियन व्यक्तियों ने सब्सिडी नहीं ली, लेकिन वर्ष 2025 तक यह संख्या धीमी होकर 11.5 मिलियन हो गई है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला
योजना क्या है?
- इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की वयस्क महिलाओं को जमा-मुक्त LPG कनेक्शन प्रदान करना है।
- यह योजना स्वच्छ खाना पकाने वाले ईंधन को बढ़ावा देती है, घरेलू प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करती है, तथा पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करती है।
- लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम कनेक्शन के लिये 2,200 रुपए और 5 किलोग्राम कनेक्शन के लिये 1,300 रुपए (वित्त वर्ष 2023-24 से) मिलते हैं।
- इसके अतिरिक्त, गैस स्टोव खरीदने के लिये ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध है, जिससे व्यापक पहुँच सुनिश्चित होती है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के चरण
चरण 1 (वर्ष 2016-2019): 80 मिलियन LPG कनेक्शन का
प्रारंभिक लक्ष्य, सितंबर 2019 तक हासिल किया
गया।
चरण 2 - उज्ज्वला 2.0 (वर्ष 2021-2022) : दिसंबर 2022 तक अतिरिक्त 16 मिलियन कनेक्शन
प्रदान किये जाएंगे ।
चरण 3 (वर्ष 2023-2026): सरकार ने 7.5 मिलियन और
कनेक्शनों को मंजूरी दी, जुलाई 2024 तक लक्ष्य पूरा
।
जनवरी 2025 तक, संपूर्ण भारत में
कुल 103.3 मिलियन PMUY कनेक्शन जारी
किये जा चुके हैं।
Post a Comment